लक्ष्य और बाधाएँ
दूरगामी लक्ष्य तक पहुँचने के इच्छुक व्यक्ति को छोटे-छोटे कदम ही उठाने चाहिए |

परिचय :--
जीवन में आप जो कुछ पाना चाहते है, उसे हासिल करने कि दिशा में लक्ष्य निर्धारण एक महत्वपूर्ण कदम है | लक्ष्यों से आपको उन चीजों पर केन्द्रित रहने में सहायता मिलती है | जो आपके लिए सर्बाधिक महत्वपूर्ण हों |
आप यह सीखेंगे कि अपने लिए प्रप्तियोग्य लक्ष्य कैसे निर्धारित करे और उन्हें छोटे-छोटे चरणों में किस तरह से विभाजित करे ताकि आप अभी से उन पर कार्य करना शुरू कर सकें | आप अपने लक्ष्यों तक पहुचने में सामान्य रूकावटो के पूर्वानुमान लगाने व उनसे पार पाने के तरीके भी सीखेंगे |
आप तनाव और क्रोध के कारकों व् लक्षणों कि खोजबीन करेंगे | जीवन में विफलताओ और हताशाओ से सामना करने के लिए के लिए रचनात्मक कार्यनीतियाँ (रणनीतियां ) अपनाकर आप खुद को अपने लक्ष्यों की सही दिशा में बनायें रख सकते है |
लक्ष्य निर्धारित और प्राप्त करना :--
लक्ष्य कोई परिणाम, जो आप हासिल करना चाहते है और जिसकी दिशा में आप अपने प्रयास केन्द्रित करते है |
आपको अपने सपनो, मूल्यों, व्यक्तित्व, गुणों, कुशलताओ और रुचियों के बारे में बेहतर समझ मिली होगी | लक्ष्य क्या होते है ? लक्ष्य वे साधन है जिनसे , सपने हकीकतो में साकार किये जाते है | लक्ष्य वह परिणाम दर्शाता है, जो आप हासिल करना चाहते है और जिसकी दिशा में आप अपने प्रयास केन्द्रित करते है | लक्ष्य, भविष्य का एक संकेतक है , जो आपको बताता है कि आपको किस तरफ जाना है | यह आपके सपनो को योजनाओ में बदलता है , और आपकी क्षमताओं को उन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए लगता है जो आप सर्वाधिक चाहते है |
आपको किस तरह के लक्ष्यों के लिए के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए ? चुकिं हम वही बन जाते है जिस बारे में हम सर्बाधिक सोचते है, इसलिए हम अनायास ही उन बिचारो को साकार करने की ओर बढ़ते है जो अभी हमारे पास होते है | नकारात्मक विचार, नकारात्मक लक्ष्य उत्पन्न करते है, और सकारात्मक बिचार, सकारात्मक लक्ष्य उत्पन्न करते है |
सफलता का रहस्य :--
लक्ष्य तय करना :--
लक्ष्य के उज्जवल , सार्थक होने और इसमें कोई वास्तविक आकर्षण शक्ति होने के लिए इसे बहुत विशिष्ट होना चाहिए | मानव मन , धुंधले , साधारण , बिचारो पर केन्द्रित नहीं हो सकता है और कार्य नहीं कर सकता | आपके दिमाग में शक्ति जितनी ही स्पष्ट होगी | उतनी ही विस्तृत और सुस्पष्ट छबि उसकी प्राप्ति के लिए प्रेरक शक्ति उत्पन्न करेगी | मैरीलैंड विश्वविधालय के प्रोफेसर एडविन लॉक सर्बाधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिको में से एक है जिन्होंने लक्ष्य निर्धारण का अध्यन किया है | एक अध्यन में उन्होंने पाया कि परिक्षण किये गए छियानवे प्रतिशत लोग ज्यादा बेहतर कर सकते थे | यदि उनको उनके सर्वोत्तम प्रयास करने के लिए साधारण ढंग से निर्देशित करने के बजाय उनको विशिष्ट ( स्पष्ट ) और चुनौती पूर्ण लक्ष्य दिए गए होते
SMART ( स्मार्ट ) लक्ष्य :--
S :-- Specific ( विशिष्ट )
M :-- Measurable ( मापनीय )
A :-- Achievable ( प्रप्तियोग्य )
R :-- Realistic ( यर्थाथवादी )
T :-- Time-Related (समय -सम्बंधित )
आगे बढ़ने से पहले सोचे :--
अपने लक्ष्य निर्धारित करने में आप जितना ही अधिक समय लगायेंगे और सोच -बिचार करेंगे , आप द्वारा उन्हें हासिल करने की संभाबना उतनी ही अधिक रहेगी | आपके बिचार में , अनेक विशेषज्ञ लक्ष्यों को लिख लेने की सलाह देते है |
- S :-- ( विशिष्ट ) :-- क्या यह स्पष्ट है कि यह लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आपकी कार्य योजना क्या होगी? या यह लक्ष्य इतना स्पष्ट है कि आपको यही पता नहीं कि शुरुआत कैसे करें |
- M :-- ( मापनीय ) :-- आपको कैसे पता चलेगा कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया या नहीं ? क्या इस लक्ष्य में आपको मापने के लिए कुछ ठोस मिलता है - बचत की जाने वाली धनराशी, पढ़ी जाने वाली किताबो की संख्या, चलने की दुरी ?
- A :-- ( प्रप्तियोग्य ) :-- क्या यह करने लायक है? क्या आप वास्तव में इस लक्ष्य पर आगे बढ़ सकते है, या खुद को विफलता के गर्त में पंहुचा रहे है?
- R :-- ( यर्थाथवादी ) :-- क्या आपके मूल्यों, कुशलताओ और रुचियों के हिसाब से यह लक्ष्य संभव और वांछनीय है? आपके तौर -तरीको के अनुसार? क्या यह आपकी दिनचर्या और आर्थिक स्थिति के अनुसार उपयुक्त है? आपके व्यक्तित्व के अनुसार? आपके दुसरे लक्ष्यों के अनुसार?
- T :-- ( समय -सम्बंधित ) :-- क्या इस लक्ष्य में कोई समय -सीमा है? जब आप आकलन कर सके कि आपने इसे प्राप्त किया या नहीं? क्या यह आपको अभी शुरुआत करने की प्रेरणा देता है, या भविष्य में कभी शुरु किया जायेगा?
इसके बजाय यह कोशिश करे, "अगले 15 सप्ताहों तक, अपने आहार की निगरानी करके और रोजाना आधा घंटे तक टहलकर मै हर हफ्ते आधा किलो बजन कम करूँगा | यह लक्ष्य विशिष्ट , यर्थाथवादी और समय -सम्बंधित है | यह निश्चित रूप से मापनीय है -15 सप्ताह की अबधि में 2 किलो और यह प्रप्तियोग्य है क्योकि एक तर्क संगत लक्ष्य तय किया गया है | अब यह एक सुनियोजित लक्ष्य है |
अल्पकालीन और दूरगामी लक्ष्य :--
अल्पकालीन लक्ष्य , एक साल के अन्दर पूरा करने की विशिष्ट कार्य योजना वाला लक्ष्य |
आइये , अब लक्ष्यों के दो मुख्य प्रकार देखे : अल्पकालीन लक्ष्य , और दूरगामी लक्ष्य |
अल्पकालीन लक्ष्य को प्राप्त करने के
ConversionConversion EmoticonEmoticon