जीवन का आनंद परमात्मा से प्रेम है Enjoy Life is Love with god

Enjoy Life is Love with god  

जीवन का आनंद परमात्मा से प्रेम में है ा 

विचार 


लोगो का विचार ही है, जो सब कुछ निर्भर करता है ा क्या करना ? कोई और कुछ नहीं कर सकता ा कोई है तो वो सिर्फ एक माध्यम है, करना स्वयं है ा आनंद सुख तब है जब आप परमात्मा से प्रेम करते सभी सुखों का मात्र एक रास्ता है ा भगवन कोई डॉक्टर नहीं की जब आप बीमार है तो इलाइज/देखने चल गए या एक साधना है ा जो झणिक सुखों को त्याग के बाद परम सुख का अनुभव होता है ा 


जीवन में समृध्दि व सफलता पाने के लिए कुछ निश्चित सार्वभौमिक नियम है ा मस्तिक की ग्राहयता द्वारा आप जीवन के प्रति एक तजा नजरिया पा सकते है ा अपनी आत्मा को पहचाने व प्रत्येक घटना के दोनों पहलुओ पर ध्यान देने के लिए सिखान चाहिए ा 

''संसार में कुछ भी अचानक नहीं घटता, ईश्वर जुआ नहीं खेलता ा ''

जीवन में अपनी भूमिका व अहमियत: की जानने के लिए हमें उसी तरह दो कदम पीछें हटना पड़ता है जिस तरह एक चित्रकार अपने बनाए गए चित्र को निखरने के लिए कैनवास से कुछ कदम पीछे हट जाता है ा जीवन में सब कुछ परस्पर संबध्द है तथा जो भी घटता है उसके पीछे कोई न कोई कारण अवश्य रहता है ा 
सजगता व तर्क द्वारा बुराई पर अच्छई, उदासी पर प्रसन्नता,क्रूरता पर दया व घमंड पर बुद्विमत विजय पति है ा 
जीवन में समृध्दि व सफलता पाने के लिए कुछ निश्चित सार्वभौमिक नियम है ा मस्तिक की ग्राहयता द्वारा आप जीवन के प्रति एक तजा नजरिया पा सके ा अपनी अंतर् आत्मा को पहचाने व प्रत्येक घटना के दोनों पहलुओ पर ध्यान देना चाहिए ा प्रेम व दया आपके जीवन के नए आयामों से परिचित करवा सकते है ा 
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